दिल्ली ब्यूरो ::
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारतीय हस्तशिल्प को नई पहचान दिलाने की दिशा में एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल फॉर हैंडीक्राफ्ट्स (EPCH) ने सक्रिय प्रयास तेज कर दिए हैं। इसी क्रम में ईपीसीएच के अध्यक्ष नीरज खन्ना ने इटली के मिलान में आयोजित प्रतिष्ठित आयोजन “सलोने डेल मोबैल मिलानो” के दौरान एडिटोरियल एवं सांस्कृतिक निदेशक और सलाहकार अन्नालिसा रोसो से मुलाकात की।
इस महत्वपूर्ण बैठक में भारत और इटली के प्रमुख अंतरराष्ट्रीय आयोजनों के बीच सहयोग को और मजबूत बनाने पर विस्तार से चर्चा हुई। नीरज खन्ना ने बताया कि अन्नालिसा रोसो ने भारत में आयोजित होने वाले आईएचजीएफ (IHGF) दिल्ली मेले के निमंत्रण को स्वीकार कर लिया है, जो भारतीय हस्तशिल्प उद्योग के लिए एक सकारात्मक संकेत है।

ईपीसीएच के कार्यकारी निदेशक राजेश रावत ने कहा कि यह बैठक वैश्विक स्तर पर प्रमुख आयोजन संस्थाओं के साथ सहभागिता को बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे भारतीय हस्तशिल्प उत्पादों को नए अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचाने में मदद मिलेगी और विदेशी खरीदारों के बीच भारत की पहचान और मजबूत होगी।

EPCH अध्यक्ष नीरज खन्ना ने जानकारी दी कि आईएचजीएफ दिल्ली मेला आगामी 13 से 17 अक्टूबर तक ग्रेटर नोएडा में आयोजित किया जाएगा। इस प्रतिष्ठित मेले की तैयारियां तेजी से चल रही हैं और इसके लिए देश-विदेश के खरीदारों से संपर्क साधना भी शुरू कर दिया गया है। उद्देश्य यह है कि अधिक से अधिक गुणवत्तापूर्ण और गंभीर खरीदार मेले में शामिल हों, जिससे निर्यात को बढ़ावा मिल सके। ईपीसीएच का यह प्रयास न केवल भारतीय हस्तशिल्प उद्योग को वैश्विक मंच पर नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में सहायक होगा, बल्कि देश के कारीगरों और निर्यातकों के लिए भी नए अवसरों के द्वार खोलेगा।
