मुरादाबाद :: भारतीय जनता पार्टी महिला मोर्चा की प्रदेश उपाध्यक्ष प्रिया अग्रवाल के पिता और शहर के प्रतिष्ठित उद्योगपति रमेश चंद्र सिंघल का लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया। उनके निधन की खबर मिलते ही मुरादाबाद सहित पूरे उद्योग जगत में शोक की लहर दौड़ गई। जानकारी के अनुसार, रमेश चंद्र सिंघल पिछले कुछ समय से अस्वस्थ चल रहे थे और आज सुबह उन्होंने अंतिम सांस ली।

प्रसिद्ध उद्योगपति रमेश चंद्र सिंघल के निधन से न सिर्फ परिवार, बल्कि उन्हें जानने वाले हर व्यक्ति को गहरा आघात पहुंचा है। वे अपने सरल स्वभाव, ईमानदारी और समाजसेवा के लिए जाने जाते थे, जिस कारण व्यापारिक और सामाजिक क्षेत्रों में उनका विशेष सम्मान था। पिता के बेहद करीब रहीं प्रिया अग्रवाल इस दुखद घटना से पूरी तरह टूट सी गई हैं। बताया जाता है कि उनका अपने पिता से गहरा लगाव था और हर महत्वपूर्ण निर्णय में वह उनके मार्गदर्शन को प्राथमिकता देती थीं। ऐसे में उनके जाने से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।

इस दुख की घड़ी में मुरादाबाद का व्यापारी वर्ग भी पीछे नहीं रहा। बड़ी संख्या में उद्योगपति और व्यापारी अलीगढ़ पहुंचकर शोक संतप्त परिवार को सांत्वना दे रहे हैं। उनके आवास पर लोगों का तांता लगा हुआ है, जहां हर कोई नम आंखों से उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित कर रहा है।
रमेश चंद्र सिंघल का निधन उद्योग जगत के लिए एक अपूरणीय क्षति माना जा रहा है। उनकी स्मृतियां, उनके सिद्धांत और समाज के प्रति उनका योगदान हमेशा लोगों के दिलों में जीवित रहेगा।

उनके परिवार में दो सुपुत्र— महापौर प्रशांत सिंघल एवं उद्योगपति निशांत सिंघल तथा दो पुत्रियां हैं। उनकी बड़ी पुत्री प्रिया अग्रवाल मुरादाबाद के महापौर परिवार से जुड़ी हैं, जबकि छोटी पुत्री निशा अग्रवाल का विवाह भरतपुर के प्रतिष्ठित कारोबारी परिवार में हुआ है।

रमेश चन्द्र सिंघल का शुरू से ही भारतीय जनता पार्टी से गहरा जुड़ाव रहा। वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव में उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समर्थन में आयोजित कार्यक्रमों में सक्रिय भूमिका निभाई और उनकी अध्यक्षता भी की थी।

27 जून 1956 को जन्मे श्री रमेश चंद्र सिंघल जी का जाना एक युग के अंत के समान है। उनका जीवन संघर्ष, सफलता और समाजसेवा की प्रेरणादायक मिसाल रहेगा। आज अलीगढ़ ही नहीं, बल्कि पूरा प्रदेश उनके निधन पर शोक व्यक्त कर रहा है। हर आंख नम है और हर दिल यही कह रहा है “ऐसे महान व्यक्तित्व बार-बार जन्म नहीं लेते।”
