लखनऊ ब्यूरो ::
उत्तर प्रदेश सरकार ने गाय संरक्षण और संवर्धन को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री सहभागिता योजना के तहत किसानों के लिए नई पहल शुरू की है। इस योजना के जरिए अब किसान गोवंश की देखभाल कर आर्थिक सहायता भी प्राप्त कर सकेंगे। मुख्यमंत्री सहभागिता योजना के अंतर्गत प्रदेश सरकार किसानों को गायों के संरक्षण के लिए प्रोत्साहित कर रही है। योजना के तहत एक किसान अधिकतम चार गायों को गोद ले सकता है, जिसके लिए सरकार प्रति गाय ₹1500 की दर से कुल ₹6000 प्रति माह का अनुदान प्रदान करेगी।

गौ सेवा आयोग के सदस्य एवं दर्जा प्राप्त राज्य मंत्री दीपक गोयल ने बताया कि प्रदेश सरकार गोवंश संरक्षण को लेकर लगातार गंभीर प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि पहले बड़ी संख्या में लावारिस गोवंश सड़कों पर घूमते नजर आते थे, लेकिन अब लगभग 90 प्रतिशत गोवंश गौशालाओं में संरक्षित है। उन्होंने आगे बताया कि सरकार का अगला लक्ष्य गौशालाओं में रह रही गायों को किसानों के माध्यम से संरक्षण दिलाना है, ताकि उनका बेहतर पालन-पोषण हो सके। योजना के तहत किसानों को अपनी आईडी के माध्यम से चार गोवंश दिए जाएंगे, जिनकी देखभाल के लिए उन्हें मासिक अनुदान मिलेगा। इसकी निगरानी जिला प्रशासन और सरकार द्वारा नामित अधिकारियों के जरिए की जाएगी।

इसी क्रम में घायल और लावारिस गायों को सुरक्षित रूप से गौशालाओं तक पहुंचाने के लिए एक नई पहल भी शुरू की गई है। इसके तहत प्राइवेट वाहनों को भी इस कार्य में शामिल किया गया है। इस सेवा का शुभारंभ दीपक गोयल द्वारा विधि-विधान से पूजा-अर्चना के साथ किया गया।
उन्होंने बताया कि पहले यह जिम्मेदारी केवल सरकारी संस्थानों की होती थी, लेकिन अब निजी गौशाला संचालक भी आगे आकर इस कार्य में सहयोग कर रहे हैं, जिससे गायों की बेहतर देखभाल सुनिश्चित हो सकेगी।
