Iran War: ट्रंप बोले ‘हम जीत गए’, उधर ईरान ने रख दीं 3 शर्तें

Iran News: ईरान ने अमेरिका के सामने रखीं युद्ध खत्म करने की तीन शर्तें, कहा– ‘वैध अधिकारों को मान्यता जरूरी’

मध्य पूर्व में जारी तनाव के बीच Masoud Pezeshkian ने कहा है कि ईरान क्षेत्रीय शांति के लिए प्रतिबद्ध है, लेकिन मौजूदा संघर्ष तभी समाप्त हो सकता है जब देश के “वैध अधिकारों” को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता दी जाए। उन्होंने इस मुद्दे पर Russia और Pakistan के नेताओं से भी बातचीत की है।

ईरानी राष्ट्रपति ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए कहा कि मौजूदा संकट की शुरुआत “जायनिस्ट शासन और अमेरिका” की कार्रवाई से हुई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि युद्ध समाप्त करने के लिए कुछ बुनियादी शर्तों को स्वीकार करना आवश्यक है।

ईरान की तीन मुख्य शर्तें

पेजेश्कियान के अनुसार युद्ध खत्म करने के लिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय को तीन अहम कदम उठाने होंगे—

  1. ईरान के वैध अधिकारों की अंतरराष्ट्रीय मान्यता दी जाए।

  2. युद्ध के दौरान हुए नुकसान की भरपाई या मुआवजा दिया जाए।

  3. भविष्य में ईरान पर हमले रोकने के लिए अंतरराष्ट्रीय गारंटी सुनिश्चित की जाए

उन्होंने कहा कि तेहरान क्षेत्रीय स्थिरता चाहता है, लेकिन किसी भी समाधान में ईरान की सुरक्षा और अधिकारों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

युद्ध अमेरिका के लिए साबित हो रहा महंगा

रिपोर्टों के अनुसार, ईरान के खिलाफ जारी सैन्य अभियान United States के लिए बेहद महंगा साबित हो रहा है। शुरुआती अनुमान के मुताबिक युद्ध के पहले छह दिनों में ही अमेरिकी टैक्सपेयर्स के लगभग 11.3 अरब डॉलर खर्च हो चुके हैं। यह अनुमान Pentagon के प्रारंभिक आकलन से जुड़ा बताया जा रहा है।

ट्रंप का दावा – अमेरिका जीत चुका है

इस बीच ट्रंप ने केंटकी में एक रैली के दौरान दावा किया कि अमेरिका इस युद्ध में जीत हासिल कर चुका है। उन्होंने कहा कि सैन्य अभियान अभी समाप्त नहीं होगा और तब तक जारी रहेगा जब तक मिशन पूरा नहीं हो जाता। ट्रंप ने यह भी दावा किया कि अब तक 58 नौसैनिक जहाज नष्ट किए जा चुके हैं। हालांकि उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि युद्ध कब तक समाप्त हो सकता है।

कैसे शुरू हुआ संघर्ष

रिपोर्टों के मुताबिक 28 फरवरी को United States और Israel ने संयुक्त रूप से Iran के कई सैन्य और राजनीतिक ठिकानों पर हमले शुरू किए। इसके बाद से क्षेत्र में तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। बताया जा रहा है कि इन हमलों में 1,200 से अधिक ईरानी नागरिकों की मौत हो चुकी है। दूसरी ओर ईरान ने जवाबी कार्रवाई करते हुए क्षेत्र में अमेरिकी ठिकानों और उसके सहयोगी देशों पर हमले किए, जिनमें 7 अमेरिकी सैनिकों की मौत और 140 से अधिक घायल हुए हैं। विश्लेषकों का मानना है कि यदि जल्द कूटनीतिक समाधान नहीं निकला, तो यह संघर्ष पूरे मध्य पूर्व में बड़े संकट का रूप ले सकता है।

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