दिल्ली ब्यूरो ::
उत्तर प्रदेश सरकार के निर्देश पर 1 अप्रैल से 15 अप्रैल तक पूरे प्रदेश में प्राइवेट स्कूलों की बसों की विशेष जांच अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में मुरादाबाद परिवहन विभाग भी पूरी सक्रियता के साथ अभियान को आगे बढ़ा रहा है। आरटीओ राजेश कुमार के नेतृत्व में विभागीय टीम लगातार स्कूल वाहनों की जांच कर रही है। जानकारी देते हुए आरटीओ राजेश कुमार सिंह ने बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार के सख्त निर्देश है कि बिना पंजीकरण और बिना फिटनेस वाहनों को स्कूलों में आवागमन के लिए इस्तेमाल नहीं किया जा सकता। जिसके चलते अभियान चलाकर ऐसे वाहनों पर कार्यवाही की जा रही है जो नियमों को पूरा नहीं करते हैं। 11 टीमें बनाकर जनपद में स्कूल वाहनों की चैंकिंग की जा रही है।

शहर के कई निजी स्कूल बिना फिटनेस प्रमाणपत्र के ही स्कूली वाहनों का संचालन कर रहे हैं। नियमों के मुताबिक, किसी भी स्कूल वाहन को सड़क पर चलाने से पहले उसकी समय-समय पर फिटनेस जांच कराना अनिवार्य होता है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि वाहन सभी सुरक्षा मानकों पर खरा उतरता है। इसके बावजूद कई स्कूल लंबे समय से नियमों की अनदेखी कर रहे हैं और रोजाना सैकड़ों बच्चों को असुरक्षित वाहनों में लाने-ले जाने का कार्य कर रहे हैं। यह लापरवाही बच्चों की सुरक्षा के लिहाज से बेहद गंभीर मानी जा रही है।

परिवहन विभाग ने ऐसे स्कूलों और वाहन संचालकों के खिलाफ सख्त रुख अपनाने के संकेत दिए हैं। अधिकारियों का कहना है कि जांच के दौरान यदि किसी भी प्रकार का नियम उल्लंघन पाया गया, तो संबंधित वाहन का चालान काटा जाएगा और आवश्यकता पड़ने पर वाहन को सीज भी किया जा सकता है।

प्रशासन ने स्कूल प्रबंधन को स्पष्ट चेतावनी दी है कि वे तत्काल अपने वाहनों की फिटनेस जांच कराएं और सभी आवश्यक दस्तावेज पूर्ण रखें, अन्यथा उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। यह अभियान बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से चलाया जा रहा है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

