मुरादाबाद में निर्यातकों की नगर आयुक्त से मुलाकात, फैक्ट्रियों को जल कर से मिले पूरी छूट

नगर आयुक्त दिव्यांशु पटेल से मुलाकात करते निर्यातक

मुरादाबाद :: लघु उद्योग भारती उत्तर प्रदेश के नेतृत्व में एक प्रतिनिधि मंडल नगर आयुक्त मुरादाबाद से मिला। प्रतिनिधि मंडल में शामिल निर्यातकों ने नगर आयुक्त के सामने निर्यातकों के सामने आ रही विभिन्न समस्याओं को लेकर एक पत्र भी सौंपा। निर्यातकों ने नगर आयुक्त से वार्ता करते हुए कहा कि नगर निगम मुरादाबाद लगातार सीलिंग की कार्यवाही कर रहा है। जिससे निर्यातकों को काफ़ी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। प्रतिनिधि मंडल में शामिल लघु उद्योग भारती के प्रदेश उपाध्यक्ष अजय गुप्ता जिम्मी ने कहा कि नगर निगम मुरादाबाद द्वारा जल कर तथा अन्य करों से संबंधित जो नोटिस जारी किए गए हैं, उनसे कई औद्योगिक इकाइयों में चिंता और भ्रम की स्थिति उत्पन्न हुई है। वर्तमान समय में मुरादाबाद के निर्यात उद्योग पहले से ही कठिन परिस्थितियों से गुजर रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में मंदी, वैश्विक आर्थिक अस्थिरता, युद्ध जैसी परिस्थितियाँ तथा बढ़ती लागत के कारण कई एमएसएमई इकाइयाँ आर्थिक दबाव में काम कर रही हैं और उनके लिए अपने उद्योग को चलाना और रोजगार बनाए रखना भी चुनौती बन गया है। इसीलिये नगर निगम से सहयोग की मांग की जा रही है।

एमएसएमई, फैक्ट्री इकाइयों को जल कर से पूर्णतः मुक्त किया जाए

मुरादाबाद की अधिकांश औद्योगिक इकाइयाँ नगर निगम के पानी का उपयोग नहीं कर रही हैं। फैक्ट्रियाँ अपनी बोरिंग के माध्यम से पानी का उपयोग करती हैं और उसके लिए ग्राउंड वाटर विभाग को निर्धारित शुल्क भी देती हैं। इसलिए आपसे विनम्र निवेदन है कि औद्योगिक इकाइयों पर लगाया गया जल कर पूर्णतः माफ किया जाए।

समाधान शिविर आयोजित करने की मांग

निर्यातकों ने नगर आयुक्त से बात करते हुए मांग की है कि नगर निगम मुरादाबाद औद्योगिक क्षेत्रों में विशेष समाधान शिविर आयोजित करे, जहाँ फैक्ट्री मालिक अपने नोटिस और गणना से संबंधित समस्याएँ सीधे अधिकारियों के साथ साझा कर सकें। इससे खुलकर बातचीत के माध्यम से सही और आसान तरीके से समस्याओं का समाधान किया जा सकेगा।

हाउस टैक्स से संबंधित नोटिसों का समाधान

नगर निगम के कर्मचारियों के द्वारा नोटिस का खेल खेला जा रहा है ऐसे में यदि किसी औद्योगिक इकाई को हाउस टैक्स से संबंधित नोटिस प्राप्त हुआ है और उसमें गणना को लेकर कोई मतभेद है, तो सभी ने मांग की है कि ऐसे मामलों को अलग-अलग देखकर हल किया जाए। आवश्यकता होने पर संबंधित इकाई का निरीक्षण कर वास्तविक स्थिति के आधार पर स्पष्ट समाधान किया जाए।

फैक्ट्रियों को सील करने से पहले सूचना दी जाए

सीलिंग की कार्यवाही से नाराज एक्सपोर्टर्स ने कहा कि यदि किसी औद्योगिक इकाई के विरुद्ध नगर निगम द्वारा कोई कार्यवाही की जानी हो, तो पहले उस इकाई को उचित नोटिस दिया जाए और समस्या को सुधारने के लिए पर्याप्त समय भी दिया जाए क्योंकि अक्सर बिना नोटिस ही सीलिंग की कार्यवाही को अंजाम दिया जा रहा है। साथ ही ऐसी कार्यवाही तब की जाए जब इकाई खुली हो और संबंधित व्यक्ति उपस्थित हों।

मशीन व कारखाना कर में अत्यधिक वृद्धि पर पुनर्विचार

औद्योगिक इकाइयों में मशीन या कारखाना कर, जो पहले लगभग ₹20 प्रति केवीए था, उसे बढ़ाकर लगभग ₹200 प्रति केवीए कर दिया गया है। इतनी अधिक वृद्धि से विशेषकर छोटे और मध्यम उद्योगों पर भारी आर्थिक बोझ पड़ रहा है। इस विषय पर पुनः विचार करने की मांग नगर आयुक्त के सामने रखी है।

 

निर्यातकों ने बातचीत करते हुए नगर आयुक्त दिव्यांशु पटेल से कहा कि मुरादाबाद का उद्योग जगत हमेशा प्रशासन के साथ हमेशा कंधे से कंधा मिलाकर चलता है ऐसे में निर्यातकों की समस्याओं का समाधान करना नगर निगम की जिम्मेदारी बनती है। सभी ने मांग की है कि सभी विषयों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करते हुए उद्योगों को एक व्यावहारिक और सहयोगात्मक समाधान प्रदान किया जाए, ताकि उद्योग सुचारु रूप से चल सकें और शहर की अर्थव्यवस्था एवं रोजगार सुरक्षित रह सके। प्रतिनिधि मंडल में एलयूबी प्रदेश उपाध्यक्ष अजय गुप्ता (जिम्मी), महामंत्री अमित अग्रवाल, मुरादाबाद अध्यक्ष रचित अग्रवाल, महासचिव अमित कपूर, विकास अग्रवाल, विनय अग्रवाल,संजीव अग्रवाल, पुष्कर अग्रवाल शामिल रहे।

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