मुरादाबाद :: तहसील सदर क्षेत्र में सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा हटाने के लिए गुरुवार को प्रशासन की ओर से अभियान चलाया गया। उपजिलाधिकारी के नेतृत्व में चली इस कार्रवाई के दौरान बुलडोजर से कई स्थानों पर बनी चहारदीवारियां और अवैध निर्माण गिराए गए। इसी दौरान धीमरी गांव में भाजपाइयों की भूमि पर बनी चहारदीवारी भी ढहा दी गई, जिसके बाद मामला तूल पकड़ गया।
बताया गया कि धीमरी गांव में सरकारी भूमि पर कब्जे की शिकायत मिलने के बाद तहसील सदर की टीम मौके पर पहुंची थी। अभियान के दौरान बुलडोजर चलाकर अवैध निर्माणों को हटाया गया। इसी गांव में रिषिपाल और अमित की भूमि के बीच महापौर विनोद अग्रवाल की भूमि स्थित है। कार्रवाई के दौरान बुलडोजर से वहां बनी चहारदीवारी भी गिरा दी गई।
महापौर को जैसे ही इस कार्रवाई की जानकारी मिली, उन्होंने जिलाधिकारी समेत प्रशासनिक अधिकारियों से शिकायत की। प्रशासन का कहना था कि जिस भूमि पर बाउंड्री बनाई गई थी, उसमें कुछ हिस्सा सरकारी भूमि का भी शामिल था और पैमाइश के बाद ही कार्रवाई की गई थी। हालांकि महापौर ने इस पर आपत्ति जताते हुए मामले को मंडलायुक्त तक पहुंचाया।
महापौर विनोद अग्रवाल ने मंडलायुक्त आञ्जनेय कुमार सिंह से मुलाकात कर पूरे मामले की जानकारी दी। इसके बाद मंडलायुक्त ने जिलाधिकारी से भी इस संबंध में जानकारी ली। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए अब भूमि की दोबारा पैमाइश कराने का निर्णय लिया गया है।

मंडलायुक्त आञ्जनेय कुमार सिंह ने बताया कि आसपास की सरकारी भूमि पर कुछ लोगों ने कब्जा कर रखा था, जिसके खिलाफ कार्रवाई की गई थी। इसी दौरान महापौर की भूमि की बाउंड्री भी गिरा दी गई। उन्होंने कहा कि अब जमीन की दोबारा पैमाइश कराई जाएगी। यदि कार्रवाई में कोई त्रुटि पाई जाती है तो प्रशासन की ओर से बाउंड्री दोबारा बनवाई जाएगी। वहीं महापौर विनोद अग्रवाल का कहना है कि प्रशासन द्वारा उनकी चहारदीवारी गिराए जाने के मामले में वह शुक्रवार को विस्तार से अपनी प्रतिक्रिया देंगे।
