अंकित चौहान :: संवाददाता
मुरादाबाद :: हाईवे किनारे स्थित धीमरी गांव में करोड़ो की जमीन को अभी पुराना विवाद खत्म भी नहीं हुआ कि एक ओर मामला सामने आ गया। इसमें सरकारी अधिकारी ही जमीन की हेराफेरी करने वाला निकला। करोड़ो की सरकारी जमीन को अपनी ही पत्नी के नाम कर दिया। दिन भर पैमाइश में जुटी टीम के सामने जब लेखपाल का कारनामा सामने आया तो सभी के होश उड़ गये। मामले की जानकारी जिला अधिकारी को दी गई, मामले में डीएम ने कार्यवाही करते हुए लेखपाल को आनन-फानन में निलंबित कर दिया। फिलहाल लेखपाल की कुंडली खंगाली जा रही है।
धीमरी गांव में महापौर विनोद अग्रवाल और निर्यातक अमित चौधरी का मामला अभी शांत भी नहीं हुआ है कि लेखपाल का बड़ा खेल सामने आ गया। करोड़ों रुपए की जमीन लेखपाल तहर सिंह ने पत्नी प्रियंका रानी के नाम कर दी। एसडीएम की जांच में खेल खुला तो रिपोर्ट डीएम को भेजी गई जिसके बाद उसे निलंबित कर दिया गया। लेखपाल को फिलहाल रजिस्टर कानूनगो कार्यालय से संबद्ध कर दिया गया है। सदर तहसील क्षेत्र के गांव धीमरी की गाटा संख्या 1079, 1080, 1081 और 1082 ग्राम समाज की जमीन है। यह जमीन करीब 13 बीघा है। जानकारी के मुताबिक करोड़ों की इस सरकारी जमीन का जनवरी में एक व्यक्ति के नाम बैनामा कर दिया गया। फरवरी में इस व्यक्ति ने पांच लोगों को यह जमीन बेच दी जिसमें बिलारी क्षेत्र के एक लेखपाल की पत्नी भी शामिल है। डीएम ने एसडीएम सदर डॉ. राममोहन मीणा को पूरे मामले की जांच सौंपी।

जांच रिपोर्ट में लेखपाल की पोल खुली तो अफसर भी हैरान रह गए। पता चला की गाटा संख्या 1081 की 1130 वर्ग मीटर जमीन लेखपाल ने पत्नी प्रियंका रानी के नाम कर दी है, जिसकी कीमत करोड़ों में है। प्रकरण में लेखपाल को तलब कर सवाल शुरू किए गए तो वह संतोषजनक जवाब नहीं दे पाया। वर्तमान में बिलारी के बसतौर में तैनात लेखपाल की वहां से भी पूरी कुंडली मंगाई गई। एसडीएम बिलारी ने भी एक रिपोर्ट डीएम को सौंप दी है। दोनों रिपोर्ट मिलने के बाद लेखपाल को निलंबित कर विभागीय जांच भी बैठा दी गई है। डीएम अनुज सिंह ने लेखपाल को सरकारी भूमि खुर्द बोर्ड करने में तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है शेष गाटा संख्या की भूमि को लेकर जांच जारी है।
