अंकित चौहान, संवाददाता
मुरादाबाद :: मेयर विनोद अग्रवाल ने एसडीएम सदर और लेखपालों की टीम पर अविश्वास जताया है। महापौर ने जिला प्रशासन और एसडीएम की टीम पर उनकी छवि खराब करने का आरोप लगाया है। महापौर के द्वारा लगाये गये आरोपों के बाद एक बार फिर मामला गरमा गया है। अभी तक जांच की बात कह रहे महापौर को अब तहसील की टीमों पर भरोसा नहीं है। उनका कहना है कि उनकी छवि को खराब करने के लिए इस तरह की कार्यवाही की जा रही। जिससे कि मुरादाबाद में राजनीतिक ग्राफ गिर सके। 40 वर्षों से भाजपा और संगठन के नाम समर्पण होने के बाद भी ऐसी कार्यवाही द्वेष भावना से करने की बात कही है।

दरअसल मुरादाबाद कमिश्नर को महापौर के द्वारा भेजे गए पत्र में अन्य जिले की टीम से जमीन की पैमाईश कराने की मांग की गई है। महापौर का कहना है कि उक्त भूमि की पैमाईश किसी अन्य जिले के उप जिलाधिकारी द्वारा करवाई जाए जिससे जांच निष्पक्ष एवं सही हो सके। मुरादाबाद सदर के उप जिलाधिकारी एवं लेखपाल के कार्यों पर सन्देह है जिसके कारण इनसे उचित न्याय की अपेक्षा नहीं है। इस विषय की गंभीरता को देखते हुए तत्काल कार्यवाही करने की कृपा करें। उनका कहना है कि इन्होने महानगर के निर्वाचित प्रथम नागरिक महापौर की छवि को धूमिल करने की नियत से ये गलत कृत्य किया है और आगे भी गलत करने का प्रयास कर रहे है।

महापौर का कहना है कि एसडीएम राममोहन मीणा के द्वारा की गई ये कार्यवाही सर्वोच्च न्यायालय द्वारा अवैध बुलडोजर कार्यवाही के सम्बंध में दिये गये दिशा-निर्देशो का भी उल्लंघन है। सर्वोच्च न्यायालय का आदेश उ०प्र० शासन ने अनुपालन हेतु प्रत्येक जिलाधिकारी को प्रेषित किया है तथा अतिक्रमण हटाने के लिए न्यूनतम 15 दिन का नोटिस देना भी अनिवार्य करते हुए इस नोटिस की प्रति जिलाधिकारी द्वारा इस कार्य हेतु बनाई गई ई-मेल आई०डी० पर भी भेजने का आज्ञापक प्राविधान किया है लेकिन न्यायालय के आदेशों का भी पालन नहीं किया गया। महापौर ने कहा कि भाजपा नेता अमित चौधरी की भूमि भी पास ही है, जिसकी बाउण्ड्रीवॉल भी अवैध रूप से बिना विधिक प्रकिया पूर्ण किये ध्वस्त की गई है। इस तरह की कार्यवाही से पार्टी कार्यकर्ताओं का मनोबल लगातार गिर रहा है जिसका नुकसान आगामी विधानसभा चुनावों में भी देखने को मिल सकता है।
