निर्यातकों के पास है काम की कमी तो फेयर में लें सिर्फ़ 18 मीटर का स्टॉल :: अवधेश अग्रवाल

मुरादाबाद ::

निर्यात संवर्धन परिषद हस्तशिल्प (EPCH) द्वारा मुरादाबाद हैंडीक्राफ्ट्स एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन, यंग एंटरप्रेन्योर सोसाइटी एवं इंडियन इंडस्ट्री एसोसिएशन के सहयोग से EPCH हाउस, मुरादाबाद में एक उद्योग संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि दीपेंद्र कुमार, उप आयुक्त उद्योग, मुरादाबाद उपस्थित रहे। इस अवसर पर नीरज खन्ना, अध्यक्ष EPCH, अवधेश अग्रवाल, क्षेत्रीय संयोजक EPCH, ननज़मुल इस्लाम, मुख्य संरक्षक MHEA, एरोहित ढल, COA सदस्य EPCH, नावेद उर रहमान, COA सदस्य EPCH, रश्मि दुग्गल, सह-नामित सदस्य EPCH,  जे.पी. सिंह, अध्यक्ष YES, पुनीत आर्य महासचिव YES सहित अन्य प्रमुख निर्यातक सदस्य भी उपस्थित रहे।
अपने संबोधन में मुख्य अतिथि दीपेंद्र कुमार ने जिला उद्योग केंद्र की विभिन्न योजनाओं एवं नीतियों की जानकारी दी। उन्होंने निर्यातकों के साथ संवाद स्थापित करते हुए उनकी समस्याओं एवं चुनौतियों को समझा तथा उनके समाधान हेतु हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया।


कार्यक्रम के दौरान EPCH के मुख्य समन्वयक अवधेश अग्रवाल ने मेलों में भाग लेने वाले निर्यातकों को मिलने वाले वित्तीय लाभों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि छोटे निर्यातकों एवम ऐसे निर्यातक जिनके पास इस समय काम की कमी है उनकी मांग को ध्यान में रखते हुए बताया कि 18 वर्ग मीटर के स्टॉल के लिए कुल लागत ₹9,500 प्रति वर्ग मीटर के हिसाब से 1,71,000 रूपये होती है। इसमें से उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा 75% की सब्सिडी 1,28,250 रूपये दी जाती है, जिससे निर्यातक को केवल ₹42,750 का ही भुगतान करना पड़ता है। जिन निर्यातकों के पास काम की कमी है या जो छोटे निर्यातक है उन सभी को इस योजना का लाभ मिलेगा। इसके लिए सभी बड़े निर्यातकों के स्टाल का साइज 18 मीटर करके योजना का लाभ दिया जाएगा और शेष बचे स्थान को अन्य छोटे निर्यातको को अलॉट किया जाएगा ताकि सभी को व्यापार के समुचित अवसर मिले सके। अवधेश अग्रवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मार्केट डेवलपमेंट असिस्टेंस अनुदान राशि को दोगुना करने का अनुरोध किया गया है। साथ ही सब्सिडी की राशि निर्यातकों के खातों में अधिकतम तीन माह के भीतर जमा कराई जाए, जिससे उन्हें वित्तीय सुविधा मिल सके।


यह कार्यक्रम उद्योग से जुड़े हितधारकों एवं सरकारी अधिकारियों के बीच प्रभावी संवाद का मंच बना, जिससे हस्तशिल्प निर्यात क्षेत्र से संबंधित महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा एवं समाधान का मार्ग प्रशस्त हुआ।
कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ, जिसमें EPCH द्वारा निर्यातकों के हित में निरंतर कार्य करने की प्रतिबद्धता दोहराई गई।

क्या EPCH में अब सिर्फ़ UP के निर्यातकों की बात होगी :: अजय गुप्ता

लघु उद्योग भारती के प्रदेश उपाध्यक्ष अजय गुप्ता ( जिम्मी ) का कहना है कि स्टॉल के किराए में कटौती की मांग पूरे देश के निर्यातकों की है। EPCH के द्वारा सब्सिडी पर स्टॉल लेने की बात कही जा रही है जो सरासर गलत है। अजय गुप्ता का कहना है कि सब्सिडी की योजना का लाभ उत्तर प्रदेश के निर्यातक ही उठा सकते हैं। देश के अन्य राज्यों में भी निर्यातक है वो क्या करेंगे ? उन्हें इस योजना का लाभ नहीं मिलेगा। EPCH पूरे देश का प्रतिनिधित्व करती है। ऐसे में अब क्या सिर्फ उत्तर प्रदेश के निर्यात की बात होगी। अजय गुप्ता का कहना है कि स्टॉल के रेट में कमी आएगी तो इसका लाभ देश के निर्यातकों को मिलेगा। देश का निर्यातक तरक्की करेगा तो देश भी तरक्की करेगा।

तानाशाही करके निर्यातकों को गर्त में ले जा रहे कुछ लोग

निर्यातक नदीम खान का कहना है कि अब तानाशाही वाला रवैया अपनाया जा रहा है। निर्यातकों की मांग EPCH और चेयरमैन से मेल के माध्यम से की गई थी। निर्यातकों की मांग भी MHEA के ग्रुप में सेंड की गई जिसे ग्रुप से डिलीट कर दिया गया। निर्यातकों से जुड़ी परेशानियों को जिम्मेदारों के सामने रखना कोई गुनाह नहीं है। इस तरह की कार्यवाही बेहद शर्मनाक है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *