मुरादाबाद :: हैंडीक्राफ्ट इंडस्ट्री से जुड़ी संस्था यंग एंटरप्रेन्योर सोसाइटी (YES) में विवाद लगातार गहराता जा रहा है। EPCH से जुड़े मुद्दों पर सवाल उठाने वाले निर्यातकों के खिलाफ कार्रवाई का सिलसिला जारी है। पूर्व नेशनल चेयरमैन विशाल अग्रवाल को बाहर किए जाने के महज दो दिन बाद अब YES के पूर्व सेक्रेटरी हरविंदर सिंह मिक्कू को भी संस्था से निष्कासित कर दिया गया है।
हरविंदर सिंह मिक्कू का कहना है कि उन्होंने मौजूदा हालात को देखते हुए EPCH द्वारा मेंबरशिप फीस बढ़ाने का विरोध किया था। हाल ही में EPCH ने अपनी मेंबरशिप फीस में बढ़ोतरी की है, जिसका कई निर्यातक अंदरखाने विरोध कर रहे हैं।

‘संस्था में इमरजेंसी जैसे हालात’
YES में चल रही लगातार कार्यवाही पर बोलते हुए निर्यातकों का आरोप है कि संस्था में कुछ लोगों ने “इमरजेंसी जैसे हालात” बना दिए हैं। उनके मुताबिक, कोई भी सदस्य अगर अपनी बात रखता है तो उसे व्यक्तिगत विरोध मानकर कार्रवाई की जाती है।
हरविंदर सिंह ने बताया कि फीस बढ़ोतरी का विरोध करने पर उन्हें चुप कराने के लिए डायरेक्टर पद का ऑफर दिया गया था, जिसे उन्होंने ठुकरा दिया।
EPCH फंड के दुरुपयोग के आरोप
विवाद के बीच कुछ निर्यातकों ने EPCH के फंड के दुरुपयोग के आरोप भी लगाए हैं। आरोप है कि पदाधिकारियों द्वारा बिजनेस क्लास फ्लाइट्स और विदेशों में महंगे होटलों पर फंड खर्च किया गया।


इंडस्ट्री में बढ़ती दरार
लगातार हो रही इन कार्रवाइयों से यह साफ संकेत मिल रहा है कि मुरादाबाद की हैंडीक्राफ्ट इंडस्ट्री में अंदरूनी मतभेद अब खुलकर सामने आने लगे हैं। विशेषज्ञ मानते हैं कि यदि यह विवाद जल्द नहीं सुलझा, तो इसका असर निर्यातकों और उद्योग दोनों पर पड़ सकता है।
