मुरादाबाद :: ‘यंग एंटरप्रेन्योर सोसाइटी (YES)’ संस्था के फाउंडर चेयरमैन रहे अनूप शंखधार को भी अब बाहर कर दिया गया है। लगातार हो रही निष्कासन की कार्यवाहियों इंडस्ट्री में हलचल और तेज हो गई है। अनुमान लगाया जा रहा है कि आने वाले दिनों में यह विवाद और भी बड़ा रूप ले सकता है, खासतौर पर सितंबर में होने वाले ‘COA’ मेंबर के चुनाव को देखते हुए, जहां वर्तमान सदस्य अवधेश अग्रवाल का कार्यकाल समाप्त होने वाला है।
संस्था से निष्कासन के बाद अनूप शंखधार ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि ‘YES’ में अब संस्था में कुछ लोग पर्दे के पीछे से संस्था को नियंत्रित कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इंडस्ट्री से जुड़े असली मुद्दों पर सवाल उठाने वालों को ही बाहर किया जा रहा है, जबकि पदों पर बैठे लोग उन्हीं मुद्दों को नजरअंदाज कर रहे हैं जिनके आधार पर वे चुने गए थे। उन्होंने साफ कहा कि निर्यातकों के हितों की आवाज आगे भी उठाई जाती रहेगी।
गौरतलब है कि ‘YES’ की स्थापना वर्ष 2009 में पांच निर्यातकों—अनूप शंखधार, नीरज खन्ना, उदित सरन, उदित अग्रवाल और विशाल अग्रवाल—ने मिलकर की थी। शुरुआत में अनूप शंखधार इसके चेयरमैन रहे और 2012 तक उन्होंने यह जिम्मेदारी निभाई। इसके बाद नीरज खन्ना, रोहित ढल और उदित सरन ने अलग-अलग समय पर संस्था का नेतृत्व किया। बाद में मिड-टर्म में फिर रोहित ढल को जिम्मेदारी दी गई और वर्ष 2020 में विशाल अग्रवाल चेयरमैन बने।
हाल ही में, गुरुवार को पूर्व नेशनल चेयरमैन विशाल अग्रवाल को ‘YES’ विरोधी गतिविधियों के आरोप में निष्कासित किया गया था। वहीं, उदित अग्रवाल पहले ही संस्था से अलग हो चुके हैं और उदित सरन भी कथित तौर पर अपमानजनक व्यवहार के चलते सक्रिय भूमिका में नहीं हैं।
लगातार हो रहे इन निष्कासनों से ‘YES’ के अंदरूनी हालात पर सवाल खड़े हो रहे हैं और मुरादाबाद की हैंडीक्राफ्ट इंडस्ट्री में एक नए शक्ति संतुलन की आहट साफ महसूस की जा रही है।
